उत्तराखंड की नदियाँ और नदी तंत्र
उत्तराखंड की नदियाँ और नदी तंत्र
उत्तराखंड की नदियाँ
उत्तराखंड को "देवभूमि" इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ से भारत की प्रमुख पवित्र नदियाँ निकलती हैं।
1. गंगा नदी तंत्र
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गंगा उत्तराखंड की प्रमुख नदी है।
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इसका उद्गम भागीरथी और अलकनंदा नदियों के संगम (देवप्रयाग) से माना जाता है।
🔹 प्रमुख सहायक नदियाँ:
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भागीरथी – उद्गम: गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख)।
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अलकनंदा – उद्गम: बद्रीनाथ के पास सतोपंथ ग्लेशियर।
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मंदाकिनी – उद्गम: केदारनाथ क्षेत्र।
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धौलीगंगा – उद्गम: नंदा देवी क्षेत्र।
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पिंडर – उद्गम: पिंडारी ग्लेशियर।
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मंदाकिनी और पिंडर → अलकनंदा की सहायक नदियाँ।
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भागीरथी + अलकनंदा = गंगा (देवप्रयाग में)।
2. यमुना नदी तंत्र
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यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री ग्लेशियर (बंदरपूंछ पर्वत, उत्तरकाशी) से।
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प्रमुख सहायक नदियाँ → टौंस, अगनी गंगा, कमल गंगा।
3. काली नदी (महाकाली / शारदा नदी)
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उद्गम: कालापानी (पिथौरागढ़)।
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भारत और नेपाल की सीमा बनाती है।
4. रामगंगा नदी
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उद्गम: गढ़वाल क्षेत्र (ढुंगरिया गाँव, चमोली)।
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जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से होकर बहती है।
5. गोरीगंगा नदी
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उद्गम: मिलम ग्लेशियर (पिथौरागढ़)।
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काली नदी में मिलती है।
6. अन्य नदियाँ
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कोसी नदी – अल्मोड़ा और नैनीताल क्षेत्र।
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सुपिन व रुपिन – यमुना की सहायक नदियाँ।
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दुलीगंगा – धौलीगंगा की सहायक।
✨ सारांश
👉 उत्तराखंड में तीन प्रमुख नदी तंत्र हैं:
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गंगा तंत्र (भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर, धौलीगंगा)
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यमुना तंत्र (यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना व उसकी सहायक नदियाँ)
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काली/शारदा तंत्र (भारत-नेपाल सीमा बनाने वाली नदियाँ)
उत्तराखंड की नदियाँ और प्रयाग
| प्रयाग (संगम स्थल) | कौन-कौन सी नदियाँ मिलती हैं | जिला |
|---|---|---|
| विष्णुप्रयाग | अलकनंदा + धौलीगंगा | चमोली |
| नंदप्रयाग | अलकनंदा + नंदाकिनी | चमोली |
| कर्णप्रयाग | अलकनंदा + पिंडर | चमोली |
| रुद्रप्रयाग | अलकनंदा + मंदाकिनी | रुद्रप्रयाग |
| देवप्रयाग | अलकनंदा + भागीरथी → गंगा का उद्गम | टिहरी गढ़वाल |
🌊 प्रमुख नदियाँ और उद्गम
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भागीरथी → गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख, उत्तरकाशी)
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अलकनंदा → सतोपंथ ग्लेशियर (बद्रीनाथ क्षेत्र)
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मंदाकिनी → केदारनाथ ग्लेशियर
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पिंडर → पिंडारी ग्लेशियर
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धौलीगंगा → नंदा देवी क्षेत्र
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नंदाकिनी → नंदा घुंटी पर्वत
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यमुना → यमुनोत्री ग्लेशियर (उत्तरकाशी)
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काली/शारदा → कालापानी (पिथौरागढ़)
👉 आसान याद रखने की ट्रिक (पंचप्रयाग क्रम):
“वि–न–क–रु–दे”
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वि = विष्णुप्रयाग
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न = नंदप्रयाग
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क = कर्णप्रयाग
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रु = रुद्रप्रयाग
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दे = देवप्रयाग
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