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Showing posts from August, 2025

Uttarakhand Population – Census 2011 Overview

  1. State-Level Snapshot Total Population (2011): 10,086,292 Gender Breakdown: Males: 5,137,773 Females: 4,948,519 Wikipedia Census 2011 India Sex Ratio: 963 females per 1000 males Wikipedia Census 2011 India Population Growth (2001–2011): 18.81% increase from 8,489,349 in 2001 Wikipedia Census 2011 India +1 Population Density: 189 persons per sq. km, considering a total area of 53,483 sq. km Wikipedia Census 2011 India Wikipedia 2. Urban-Rural Breakdown Rural Population: 7,036,954 (approx. 69.8%) Urban Population: 3,049,338 (approx. 30.2%) apfstatic.s3.ap-south-1.amazonaws.com Census 2011 India Unacademy Urban–Rural Literacy Gap: Urban literacy rate ~84.45%, rural ~76.31% Unacademy 3. Literacy & Demography Overall Literacy Rate: ~78.8% Male Literacy: ~87.4% Female Literacy: ~70.0% Census 2011 India Child (0–6 years) Population: ~1.36 million with sex ratio ~890 female children per 1000 male children Census 2011 In...

गढ़वाल क्षेत्र का इतिहास

  . ऐतिहासिक पृष्ठभूमि गढ़वाल के बारे में सबसे प्राचीन उल्लेख स्कंद पुराण में केदारखंड नाम से मिलता है, और महाभारत में भी इसका उल्लेख है। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा-वृत्तांत में इसका ज़िक्र किया। 8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य गढ़वाल की हिमाच्छादित ऊँचाइयों तक आए, जोशीमठ की स्थापना की, और बद्रीनाथ व केदारनाथ के पवित्र मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया। गढ़वाल नाम “गढ़” शब्द से बना है, जिसका अर्थ पहाड़ी क्षेत्रों में किले होता है। यहाँ अनेक छोटे-छोटे गढ़ (किले) थे, जिन्हें मिलाकर यह क्षेत्र बना। इसे शिव की क्रीड़ास्थली भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ केदारनाथ, बद्रीनाथ, तुंगनाथ आदि प्रमुख तीर्थ स्थित हैं। भौगोलिक परिभाषा (केदारखंड) दक्षिण में गंगाद्वार (हरिद्वार) से लेकर उत्तर में श्वेतांग पर्वत (हिमालय) की श्रृंखलाओं तक, पूर्व में बौधांचल (संभवतः बाधन पट्टी) से लेकर पश्चिम में तमसा नदी (टॉन्स) तक फैला क्षेत्र। एकीकृत गढ़वाल की शुरुआत 15वीं शताब्दी में राजा अजय पाल ने 52 छोटे-छोटे रजवाड़ों को मिलाकर एक राज्य बनाया। लगभग 30...

UKPSC PCS परीक्षा पाठ्यक्रम – प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा (पूर्ण गाइड)

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) राज्य में विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) परीक्षा आयोजित करता है। यदि आप UKPSC PCS परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षा का पूरा पाठ्यक्रम समझना सफलता की पहली सीढ़ी है। 1. UKPSC PCS प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम प्रारंभिक परीक्षा में दो वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के प्रश्नपत्र होते हैं: प्रश्नपत्र I – सामान्य अध्ययन भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन भारतीय राजनीति, संविधान एवं शासन व्यवस्था भारत एवं विश्व का भूगोल आर्थिक एवं सामाजिक विकास सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता समसामयिक घटनाएं (राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय) उत्तराखंड विशेष विषय: उत्तराखंड का इतिहास एवं संस्कृति उत्तराखंड का भूगोल उत्तराखंड का आर्थिक एवं राजनीतिक विकास प्रश्नपत्र II – सामान्य अभिरुचि परीक्षा (CSAT) गद्यांश समझ पारस्परिक कौशल तार्किक तर्कशक्ति एवं विश्लेषणात्मक क्षमता निर्णय लेने एवं समस्या समाधान क्ष...